देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस में बैठकर मार्च में शामिल होने पहुंचे
इस मुद्दे पर नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा नेता देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस में बैठकर इस मार्च में शामिल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे महतो का 10.5 किलोग्राम वजन घट गया है। इस दौरान वह पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लिए हुए नजर आए।छात्रों का प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी
तिरंगा और मांगों से संबंधित तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने अपने आंदोलन के 17वें दिन भी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के मौके पर निकाले गए इस मार्च की शुरुआत धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा परिसर के बाहर से हुई और प्रदर्शनकारियों का लक्ष्य नए विधानसभा भवन तक पहुंचना है।निषेधाज्ञा लागू करने के 4 किमी के दायरे में सुरक्षा के इंतजाम
अधिकारियों ने बताया कि निषेधाज्ञा लागू करने के अलावा लगभग चार किलोमीटर लंबे पूरे रास्ते पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि त्वरित कार्य बल (आरएएफ), भारतीय रिजर्व बटालियन, जिला पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल (क्यूआरटी) के 1,500 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि रांची के अधिकतर स्कूल बंद कर दिए गए हैं।प्रदर्शनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मान लेने का दावा
सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका। बातचीत के आखिरी दौर के बाद सरकार ने कहा कि उसने प्रदर्शनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने उन 13 परीक्षाओं में से केवल तीन को रद्द करने पर सहमति जताई है जिन्हें वे रद्द करने की मांग कर रहे थे।सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि जब तक सीबीआई से जांच की हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हम कोई समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए।


