ग्राम पंचायत सचिव मुख्यालय पर नहीं रहते हरदा में करते हैं निवास
संजय अग्रवाल // जनपद पंचायत टिमरनी की ग्राम पंचायत चंद्रखाल जो की आदिवासी अंचल हे यहा के पंचायत सचिव हरदा मे निबास करते हैं। हरदा से चंद्रखाल की दूरी लगभग 60 कीलोमीटर की दूरी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव नियमित रूप से पंचायत कार्यालय नहीं आते जिसके कारण अधिकांश समय पंचायत भवन पर ताला लटका रहता है।जीससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए भी भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित अन्य जरूरी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। कई बार दूर-दराज़ के ढानो से पंचायत पहुंचने वाले आदिवासी ग्रामीणों को पंचायत भवन पर ताला लगा मिलता है और उन्हें बिना काम कराए वापस लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव की अनुपस्थिति के कारण पंचायत का प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने कहां है कि यदि ग्राम पंचायत सचिव नहीं आते हैं तो हमारे द्वारा जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों को जनसुनवाई में शिकायत की जाएगी सचिव लोकेश भट्ट की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। ताकि आदिवासी क्षेत्र के लोगों को अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत जनता की सुविधा के लिए बनाई गई है, लेकिन जब पंचायत भवन पर ही हमेशा ताला लटका रहे और जिम्मेदार मौजूद न हों, तो आम लोगों का शासन-प्रशासन पर से विश्वास उठना स्वाभाविक है। अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत को कितनी गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है।