कमीशन के लालच में अपने ईमान को ताक पर रखकर बना रहे हैं आदिवासी अंचल में ग्राम पंचायत भवन
संजय अग्रवाल // जनपद पंचायत टिमरनी की ग्राम पंचायत ढहरीया में ग्राम पंचायत सचिव लोकेश भट्ट एवं इंजीनियर मन्नालाल जादव की मिली भगत से लगभग 37 लाख 50000 की पंचायत भवन में घटिया निर्माण चल रहा है। पंचायत भवन में लगने वाली सामग्री जैसे घटिया किस्म की सीमेंट,रेत,ईंट,और इस्टीमेट के आधार पर जो सरिया लगना चाहिए वह नहीं लग रहा है।और खड़ा हो रहा मौत का ढांचा इंजीनियर मन्नालाल जादव और ग्राम पंचायत सचिव लोकेश भट्ट पर ग्रामीणों ने शासकीय राशि का दुरुपयोग और मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत भवन का निर्माण कार्य गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से बनने वाले पंचायत भवन में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया सीमेंट एवं निम्न गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लग गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे इंजीनियर मन्नालाल जादव कमीशन के चक्कर मे सचीब दोनों मिलकर खेल खेल रहे हैं। और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद भी अनियमितताएं हो रही हैं। ग्रामीणों में बताया कि किस प्रकार से सरकारी राशि का दुरुपयोग कर निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। यदि समय रहते इसकी निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह भवन भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में न तो तय मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता की कोई प्रभावी निगरानी दिखाई दे रही है। इससे लोगों में यह आशंका बढ़ गई है कि सरकारी धन का उपयोग सही तरीके से नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण सामग्री के नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराई जाए तथा पूरे कार्य का तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे उच्च स्तर पर शिकायत और जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।