खाड़ी में 'महायुद्ध' की उल्टी गिनती शुरू, इजरायल जा रहे अमेरिकी व‍िमान, ईरानी सेना पलटवार को तैयार

Updated on 18-07-2026 01:43 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी आर्मी ईरान पर बहुत बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर सकता है। इसके लिए अमेरिका के दर्जनों और हवाई ईंधन भरने वाले विमान इजरायल भेजने की तैयारी हो रही है। ताकि ईरान में 'आसानी' से हवा से बमबारी की जा सके। इस तैनाती की तैयारी ऐसे समय हो रही है, जब मंगलवार को सिचुएशन रूम में अमेरिकी आर्मी की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान के खिलाफ नई सैन्य योजनाएं पेश की जा चुकी हैं। ये योजनाएं बताई गई हैं क्योंकि ट्रंप ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान पर बढ़ना चाहते हैं।

अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के सामने पेश की गई नई सैन्य योजनाओं में कई विकल्पों पर चर्चा की गई है। इन विकल्पों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूदा अमेरिकी हमलों के दायरे को बढ़ाना सबसे अहम है। इसके अलावा ईरान के भीतर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं को भी निशाना बनाया जा सकता है।

इजरायल में अमेरिकी विमान

ईरान पर हमलों के लिए इजरायल में सैन्य मौजूदगी बढ़ाना अहम है। अमेरिका के पास फिलहाल तेल अवीव के पास बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 30 सैन्य ईंधन भरने वाले विमान तैनात हैं। दक्षिणी इजरायल में रेमन हवाई अड्डे पर भी 30 विमान हैं। आने वाले दिनों में कई दर्जन और विमान इजरायल में तैनात किए जा सकते हैं।

हवाई ईंधन भरने वाले विमान लड़ाकू जेट और बॉम्बर विमानों को अधिक समय तक हवा में रहने और लंबी दूरी तक अभियान जारी रखने में सक्षम बनाते हैं। इससे वे ईरान के भीतर लक्ष्यों के खिलाफ किसी भी लंबे अभियान के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ट्रंप प्रशासन ने इजरायली सरकार से अतिरिक्त विमानों को समायोजित करने के लिए कहा है।

ट्रंप लेंगे आखिरी फैसला

अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के हवाले से एक्सियोस ने बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए हमलों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। वे आने वाले दिनों में कार्रवाई तेज करने का आदेश दे सकते हैं। वह ईरान को इतना ज्यादा नुकसान करना चाहते हैं कि तेहरान होर्मुज को खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी मांगों को मानने पर मजबूर हो जाए।

अमेरिकी आर्मी ने बीते एक हफ्ते में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं। दूसरी ओर ईरान ने जॉर्डन, कतर, बहरीन, इराक और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए हैं। ईरान के IRGC ने सीरिया में भी एक अमेरिकी बेस पर हमला करने का भी दावा किया है।

ईरान की अमेरिकी सेना को चेतावनी

IRGC नेवी कमांड ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और उपकरणों पर ईरानी नौसेना की इकाइयों की नजर है। IRGC ने कहा है कि अमेरिकी इस क्षेत्र में ईरान के सशस्त्र बलों के ऑपरेशन के जीरो आवर (निर्णायक क्षण) के हर पल करीब आ रहे हैं। ईरानी सेना ने अमेरिका को 'हमारे जवाब का इंतजार करें' की धमकी दी है। इससे क्षेत्र में आने वाले दिनों में तनाव बढ़ सकता है

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