पूर्व पटवारी ने थाना प्रभारी पर लगाया फर्जी प्रकरण करने का आरोप।
65 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ने एसपी से लगाई गुहार कहा न्याय मांगने गया था आरोपी बनाकर लौटा दिया थाना प्रभारी ने।
संजय अग्रवाल // हरदा जिले के टिमरनी थाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक 65 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक एवं मध्यप्रदेश पटवारी संघ के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष कोदर सिंह राजपूत ने थाना प्रभारी पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से फर्जी काउंटर FIR दर्ज कराने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने और पुलिसिया दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
एसपी हरदा को सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय एक पक्ष को बचाने और दूसरे पक्ष को दबाने का काम किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद ही नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें आरोपी बना दिया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों की अनदेखी कर जल्दबाजी में काउंटर मामला दर्ज किया गया। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या टिमरनी थाना अब निष्पक्ष जांच का केंद्र है या फिर प्रभावशाली लोगों के इशारे पर काम करने वाला कार्यालय बनता जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाला आरोप थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे एक वरिष्ठ नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के बजाय उन्हें प्रताड़ित और अपमानित करने का प्रयास किया गया। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।
शिकायतकर्ता ने मामले की जांच किसी स्वतंत्र वरिष्ठ अधिकारी एस डी ओ पी रेक के अधिकारी से कराने की मांग की गई है। तथा थाना प्रभारी को तत्काल प्रकरण से हटाने की मांग की है। साथ ही CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जनचर्चा का विषय
क्षेत्र में अब यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर टिमरनी थाने में निष्पक्ष जांच होगी या फिर शिकायतकर्ताओं को ही आरोपी बनाकर आवाज दबाने का प्रयास जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता अब जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।जब फरियादी को ही आरोपी बनाने के आरोप लगने लगें, तब सवाल केवल एक FIR का नहीं, बल्कि कानून के रखवालों की निष्पक्षता का भी होता है।