
हाईटेक कंट्रोल सेंटर से ड्रोन और कैमरों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 100 एसएएफ जवानों के साथ 200 फॉरेस्ट गार्ड तैनात किए जा रहे हैं। वन विभाग ने 12 संवेदनशील जिलों में तैनात अपने 34 अनुभवी और तेज-तर्रार वनरक्षकों का तबादला तुरंत प्रभाव से मुरैना कर दिया है।
ये सभी गार्ड पहले भी अलग-अलग वन माफियाओं का सामना कर चुके हैं। इनमें से ज्यादातर ग्वालियर-चंबल के मूल निवासी हैं, जो स्थानीय बीहड़ के भूगोल और माफिया के नेटवर्क से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
पहली बार कानूनी कवच के साथ उतरेंगे गार्ड्स : यह तैनाती उस ऐतिहासिक फैसले के तुरंत बाद हुई है, जिसमें वनकर्मियों को ड्यूटी के दौरान बंदूक चलाने का अधिकार दिया गया है। साथ ही कार्रवाई के दौरान बिना मजिस्ट्रियल जांच के सीधी एफआईआर और गिरफ्तारी से छूट (कानूनी सुरक्षा) भी प्रदान की गई है।
कहां से कितने गार्ड मुरैना आए?