BHEL और SAIL के 'महारत्न' स्टेटस पर खतरा, सरकार ने दिया 1 साल का अल्टीमेटम, क्यों कम हो रहा रुतबा?

Updated on 06-06-2026 01:14 PM
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की दो बड़ी कंपनियों भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) को उनके खराब वित्तीय प्रदर्शन को लेकर एक साल का अल्टीमेटम दिया है। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, अगर एक साल के भीतर इनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो इनसे महारत्न (Maharatna) का प्रतिष्ठित दर्जा छीनकर इन्हें नवरत्न (Navratna) कैटेगरी में डाल दिया जाएगा।

यह देश में पहला ऐसा मामला है जब किसी महारत्न कंपनी को दर्जा घटाने की चेतावनी के साथ नोटिस पर रखा गया है। कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन की अध्यक्षता वाली समिति ने यह सख्त सिफारिश की है।

क्यों आई ऐसी नौबत?

एक सरकारी मूल्यांकन के अनुसार BHEL और SAIL पिछले तीन वर्षों के दौरान 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का औसत वार्षिक शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज करने के अनिवार्य नियम को पूरा करने में विफल रही हैं। इस कारण इन कंपनियों से 'महारत्न' स्टेटस छिनने का खतरा मंडराया है।

14 में से सिर्फ 2 खरी उतरीं

देश की कुल 14 महारत्न कंपनियों में से केवल यही दो कंपनियां इस पैमाने पर खरी नहीं उतरीं। महारत्न का दर्जा बनाए रखने के लिए अन्य प्रमुख शर्तें (पिछले 3 वर्षों के औसत आधार पर) इस प्रकार हैं:
  • सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए।
  • कुल संपत्ति 15,000 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए।
  • वार्षिक शुद्ध लाभ (PAT) 5,000 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए।
  • कंपनी की मजबूत वैश्विक उपस्थिति या अंतरराष्ट्रीय कारोबार होना चाहिए।

दर्जा घटने से कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?

यदि इन कंपनियों का महारत्न का दर्जा घटाकर नवरत्न किया जाता है, तो इनके बोर्ड की स्वायत्तता (Autonomy) काफी कम हो जाएगी:
  • महारत्न कंपनियां सरकार की मंजूरी के बिना 5,000 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकती हैं।
  • वहीं नवरत्न कंपनियों के लिए यह सीमा केवल 1,000 करोड़ रुपये है।

सरकार ने नियमों को किया कड़ा

सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) के लिए वार्षिक प्रदर्शन नियमों को और कड़ा कर दिया है। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) दायित्वों को पूरा न करने, MSMEs के भुगतान में देरी करने या सक्सेशन प्लान तैयार न करने पर भारी पेनाल्टी लगाई जाएगी और पूरे नंबर काट लिए जाएंगे। ये नियम वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) से लागू होंगे।

सुधार के लिए मंत्रालयों की क्या है योजना?

  • भारी उद्योग मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वे BHEL और SAIL के मुनाफे को बढ़ाने के लिए एक विस्तृत टर्नअराउंड प्लान यानी सुधार योजना पेश करें।
  • इस्पात मंत्रालय ने बताया कि सेल (SAIL) का औसत वार्षिक टर्नओवर पिछले 4 वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक और औसत नेटवर्थ 53,976 करोड़ रुपये रही है।
  • हालांकि, तीन साल के औसत मुनाफे का 5,000 करोड़ रुपये वाला पैमाना कंपनी ने आखिरी बार 2022-23 में छुआ था, जिसके बाद स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मुनाफा घटा।
  • नीति आयोग ने पाया कि भेल (BHEL) की मानव संसाधन (HR) नीतियां उसकी ग्रोथ में सबसे बड़ी बाधा हैं, जिनमें बड़े सुधार की जरूरत है।
  • भारी उद्योग मंत्रालय ने भरोसा दिया है कि भेल के वित्तीय प्रदर्शन को सुधारने के लिए एक नई योजना पर काम शुरू कर दिया गया है और इसके मुनाफे में सुधार भी दिखने लगा है।

'रत्न' मानदंडों की होगी नई समीक्षा

बैठक में शामिल नीति आयोग के प्रतिनिधियों का मानना है कि महारत्न के लिए तय टर्नओवर, नेटवर्थ और लाभ के मानदंड वर्ष 2010 से अपरिवर्तित हैं और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। इसी वजह से समिति ने लोक उद्यम विभाग (DPE) को निर्देश दिया है कि वह साल 2025 की कीमतों के आधार पर इन मानकों की दोबारा समीक्षा करे और उसके बाद सभी सरकारी कंपनियों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 July 2026
नई दिल्ली: रुपये की गिरावट को थामने के लिए आरबीआई ने पिछले शुक्रवार को करीब $7 बिलियन बाजार में झोंके। यह कई महीनों में एक दिन में किया गया सबसे…
 30 July 2026
नई दिल्ली: अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे आज घरेलू शेयर बाजार अधिकांश समय फ्लैट रहा लेकिन अंतिम क्षणों में…
 30 July 2026
नई दिल्ली: जून तिमाही के दौरान भारत से स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट 23.4% बढ़कर $9.8 अरब पहुंच गया। अप्रैल-जून के दौरान कुल $15.2 अरब का इलेक्ट्रॉनिक शिपमेंट विदेश भेजा गया। इसमें…
 30 July 2026
नई दिल्ली: E20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद के बीच सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने फिर दोहराया है कि इस ब्लेंडेड फ्यूल का गाड़ियों की परफॉर्मेंस पर कोई…
 30 July 2026
नई दिल्ली: बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के लिए फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप (DS ग्रुप) ने…
 30 July 2026
नई दिल्ली: Indo-MIM ने आज शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 44.95% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ। ₹485 के इश्यू प्राइस के मुकाबले कंपनी…
 30 July 2026
नई दिल्ली: E20 पेट्रोल को लेकर जारी विवाद के बीच देश में शुद्ध पेट्रोल यानी 100-ऑक्टेन प्रीमियम की बिक्री में दोगुना से ज्यादा उछाल आई है। महंगा होने के कारण…
 30 July 2026
नई दिल्ली: देश में फॉर्मल क्रेडिट तक लोगों की पहुंच पिछले नौ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। फॉर्मल क्रेडिट का मतलब है बैंक, क्रेडिट यूनियन और कोऑपरेटिव सोसाइटी जैसी…
 30 July 2026
नई दिल्ली: Juniper Green Energy का 1,800 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। इस पर 3 अगस्त, 2026 तक बोली लगाई जा सकती है। यह 8…
Advt.