हिंदी सिनेमा के इतिहास में प्रेमनाथ जी का नाम हमेशा खास जगह रखेगा। अपनी शानदार अदाकारी, दमदार व्यक्तित्व और पर्दे पर अपने अलग अंदाज से उन्होंने ऐसी पहचान बनाई, जिसे आज भी याद किया जाता है। उनके जन्म के 100 साल पूरे होने के मौके पर ज़ी क्लासिक इस नवंबर ‘अमर प्रेमनाथ’ के जरिए इस दिग्गज अभिनेता को खास श्रद्धांजलि देने जा रहा है। एक महीने तक चलने वाली विशेष प्रस्तुति, जिसमें उनके पुत्र मोंटी नाथ द्वारा निर्मित चार-भागीय डॉक्यू-सीरीज़ और उनकी कुछ यादगार फिल्मों का प्रसारण किया जाएगा। 7 नवंबर से हर शनिवार सुबह 11:30 बजे डॉक्यूमेंट्री सीरीज का एक नया भाग दिखाया जाएगा, जिसके बाद दोपहर 12 बजे उनकी एक खास फिल्म प्रसारित होगी।
हिंदी सिनेमा में प्रेमनाथ जी का सफर किसी मिसाल से कम नहीं रहा। अपने करियर के शुरुआती दौर में बतौर हीरो पहचान बनाने से लेकर चरित्र भूमिकाओं में नई सफलता हासिल करने तक, उन्होंने बदलते सिनेमा के साथ खुद को लगातार निखारा। खास तौर पर तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘अमर प्रेमनाथ’ में अभिनेता और उनकी विरासत से जुड़े कई पहलुओं को सामने लाया जाएगा। इसके साथ दिखाई जाने वाली फिल्में दर्शकों को टेलीविजन पर उनकी कुछ सबसे यादगार भूमिकाएं फिर से देखने का मौका देंगी। यह आयोजन सिर्फ उनके अभिनय का ही नहीं, बल्कि उस शख्सियत का भी जश्न है, जिसने उन्हें दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई।
इस खास आयोजन की शुरुआत 7 नवंबर को ‘अमर प्रेमनाथ’ के पहले भाग से होगी, जिसके बाद फिल्म ‘देश प्रेमी’ दिखाई जाएगी। 14 नवंबर को डॉक्यूमेंट्री सीरीज का दूसरा भाग और उसके बाद ‘रोटी कपड़ा और मकान’ प्रसारित होगी। 21 नवंबर को प्रेमनाथ जी की 100वीं जयंती के खास मौके पर सीरीज का तीसरा भाग दिखाया जाएगा, जिसके बाद उनकी यादगार फिल्म ‘बॉबी’ का प्रसारण होगा। वहीं, 28 नवंबर को चौथे और आखिरी भाग के साथ फिल्म ‘कालीचरण’ के जरिए इस महीने भर चलने वाली श्रद्धांजलि का समापन होगा। डॉक्यूमेंट्री सीरीज हर शनिवार सुबह 11:30 बजे और उसके बाद संबंधित फिल्म दोपहर 12 बजे दिखाई जाएगी।
दिग्गज अभिनेता प्रेमनाथ जी को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “मैंने प्रेमनाथ जी की सारी फ़िल्में देखी हैं और उन्हें बहुत सराहा है, बहुत चाहा है । ‘बरसात’, ‘रुस्तम सोहराब’ और ‘आन’ में उनका अभिनय जबरदस्त था। एक ख़ास बात थी प्रेमनाथ जी में... वो जैसे भी करते थे, अपने ही अंदाज़ में करते थे, बिल्कुल ओरिजिनल। न किसी की नकल की उन्होंने और न ही किसी कलाकार के सामने खड़ा होने में किसी किस्म की हीन भावना महसूस की उन्होंने । उनके सामने तो अच्छे-अच्छे कलाकारों के अंदर हीन भावना पैदा हो जाती थी।“
यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज और उनकी यादगार फिल्मों का सिलसिला क्लासिक सिनेमा के चाहने वालों के लिए हर शनिवार को एक खास अनुभव लेकर आएगा। साथ ही, नई पीढ़ी के दर्शकों को भी पहली बार प्रेमनाथ जी के शानदार काम और उनकी विरासत को करीब से जानने का मौका मिलेगा।
देखना न भूलें ‘अमर प्रेमनाथ’, प्रेमनाथ जी की 100वीं जयंती का खास जश्न, इस नवंबर हर शनिवार, सिर्फ ज़ी क्लासिक पर!